मुंबई। मुंबई में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में आई भारी कमी को लेकर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग के बीच चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे पर इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR) के अध्यक्ष विजय के. शेट्टी ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो मुंबई का होटल उद्योग बड़े संकट में पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गैस सिलेंडरों की कमी का असर अब सीधे होटल कारोबार पर दिखाई देने लगा है। इस मुद्दे को लेकर पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखा गया है। महाराष्ट्र के सिविल सप्लाई मंत्री छगन भुजबल से भी संपर्क किया गया है.
कमर्शियल सिलेंडर के बढ़े दाम, अफरा-तफरी का माहौल

उधर, मुंबई में रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि उन्हें कमर्शियल LPG सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। लोवर परेल में होटल प्रकाश चलाने वाले बंगेरा संजीवा ने बताया कि कई जगहों पर सिलेंडर की सप्लाई रुक गई है। जहां मिल भी रहे हैं वहां कीमत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि 1750 रुपए में मिलने वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर अब करीब 2500 से 3000 रुपए में दिया जा रहा है। कुछ स्थानों पर तो सप्लाई पूरी तरह से बंद होने जैसी स्थिति बन गई है, जबकि जहां सिलेंडर उपलब्ध हैं वहां बढ़ी हुई कीमतों पर दिए जा रहे हैं।
विजय के. शेट्टी ने बताया कि गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट अपने नियमित संचालन में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इस संकट का असर पहले ही दिखाई देने लगा है और मुंबई के लगभग 20 प्रतिशत होटल बंद हो चुके हैं। यह स्थिति होटल व्यवसायियों के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी गहरा सकता है। जिससे उन्हें मजबूरी में अपने प्रतिष्ठान बंद करना पड़ सकता हैं।
विजय के. शेट्टी ने कहा,
“गैस सिलेंडरों की कमी के कारण हमारे लगभग 20 प्रतिशत होटल पहले ही बंद हो चुके हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले 2 से 3 दिनों में कम से कम 60 से 70 प्रतिशत और होटल बंद होने की संभावना है। यह स्थिति होटल उद्योग के लिए बेहद गंभीर है।” साथ ही उन्होंने ये भी कहां कि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पूरी तरह से गैस सिलेंडरों पर निर्भर है। ऐसे में गैस की आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर होटल कारोबार पर पड़ता है। कई छोटे और मध्यम स्तर के होटल संचालक पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे हैं, और अब गैस संकट ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
AHAR अध्यक्ष ने यह भी कहा कि होटल उद्योग केवल व्यापार नहीं है, बल्कि इससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों, रसोइयों, वेटरों और अन्य स्टाफ की आजीविका भी इसी उद्योग पर निर्भर करती है। यदि होटल बंद होते हैं तो इसका असर केवल व्यवसायियों पर ही नहीं बल्कि हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों पर भी पड़ेगा।
विजय के. शेट्टी ने यह भी कहा कि मुंबई जैसे बड़े शहर में लाखों लोग रोजाना होटल और रेस्टोरेंट के भोजन पर निर्भर रहते हैं। कई कामकाजी लोग, मजदूर, छात्र और ऑफिस कर्मचारी नियमित रूप से बाहर का खाना खाते हैं। ऐसे में यदि होटल और रेस्टोरेंट बंद होने लगे तो आम लोगों को भी भोजन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से अपील करते हुए कहा कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकालेगा, ताकि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को राहत मिल सके।
विजय के. शेट्टी का कहना है कि होटल उद्योग मुंबई की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस उद्योग से लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में गैस की आपूर्ति में आई यह समस्या जल्द दूर होना बेहद जरूरी है, ताकि होटल और रेस्टोरेंट बिना किसी बाधा के अपना संचालन जारी रख सकें।
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