चौपारण (हजारीबाग): प्रखंड अंतर्गत पौधा संरक्षण विभाग, हजारीबाग के तत्वावधान में 19–20 फरवरी 2026 को बहेरा पंचायत के ग्राम पुरानाडीह में दो दिवसीय फसल सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की लगभग 30 महिला कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

प्रशिक्षण सत्र में पौधा संरक्षण कर्मी दिलीप पांडेय ने किसानों को फसल सुरक्षा के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि समय पर रोग व कीट प्रबंधन अपनाने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
कार्यक्रम में एफपीओ चौपारण के निदेशक दीपक कुमार, सीईओ कैलाश कुमार, वार्ड सदस्य जुली कुमारी सहित कई कृषि कार्यकर्ता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिजामृत और मिट्टी उपचार पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया गया कि पारंपरिक खादों की तुलना में बिजामृत के प्रयोग से पोषक तत्व पौधों द्वारा तेजी से अवशोषित होते हैं, जिससे अपव्यय कम होता है, लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है। साथ ही कीट प्रकोप में कमी आने से किसानों की आय में सीधा लाभ मिलता है।
विशेषज्ञों ने मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए मिट्टी परीक्षण और उपचार को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने सलाह दी कि किसान मिट्टी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करें। इसके अलावा जैविक खाद, फसल चक्र और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने पर भी बल दिया गया।
किसानों ने दिखाई गहरी रुचि
कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों ने नई तकनीकों को लेकर कई प्रश्न पूछे और श्रम, समय व लागत कम करने के उपायों की जानकारी ली। पौधा संरक्षण प्रतिनिधियों ने बताया कि घरेलू स्प्रे तकनीक से खाद का समान वितरण होता है और उत्पादकता में वृद्धि होती है।
अंत में किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में जैविक उत्पादों और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर दिलीप पांडेय ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है – “हर खेत में समृद्धि और हर किसान के चेहरे पर मुस्कान।”
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