अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखने लगा है। कई देशों की तरह भारत में भी LPG और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर चिंता का माहौल बन गया है। बीते कुछ दिनों में अलग-अलग राज्यों से गैस की कमी की खबरें सामने आई हैं, वहीं सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो और तस्वीरें लगातार वायरल हो रही हैं।
इसी बीच बेंगलुरु के एक कैफे का बिल इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। एक ग्राहक द्वारा ऑर्डर किए गए लेमोनेड के बिल में “गैस संकट शुल्क” नाम से अतिरिक्त रकम जोड़े जाने पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
अतिरिक्त चार्ज ने खड़ी की बहस
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (X) पर साझा की गई थियो कैफे की रसीद में दिख रहा है कि 179 रुपये प्रति बोतल की दर से दो मिंट लेमोनेड का ऑर्डर दिया गया था। कुल 358 रुपये के इस बिल में 17.90 रुपये की 5 प्रतिशत छूट दी गइ है। इसके बाद सीजीएसटी 2.5 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत एसजीएसटी के साथ 5 प्रतिशत ‘गैस संकट शुल्क’ जोड़ा गया, जिससे अंतिम भुगतान राशि बढ़कर लगभग 374 रुपये हो गई।
यूजर्स ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया
रसीद वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने इसे मौजूदा हालात से जुड़ी मजबूरी बताया, तो कई लोगों ने सवाल उठाया कि पेय पदार्थ पर भी गैस संकट के नाम पर शुल्क लेना कितना सही है।
रेस्तरां कारोबार पर संकट की मार
दरअसल, देश के कई शहरों में होटल, रेस्तरां और सार्वजनिक कैंटीन संचालकों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही है। गैस की कमी के चलते कुछ प्रतिष्ठानों को अपने मेनू में कटौती करनी पड़ी है और कुछ व्यंजन अस्थायी रूप से बंद भी करने पड़े हैं।
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