Also Read
चौपारण की बेटी ने राइफल शूटिंग में इंडिया टीम के ट्रायल सलेक्शन में बनाई जगह
चौपारण : चौपारण की रत्नगर्भा धरती ने खेल जगत को एक से बढ़कर एक रत्न दिया हैं । जिन्होंने अपनी खेल प्रतिभा से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर हजारीबाग का नाम रोशन किया हैं । किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए साधन और समर्पण सबसे अधिक जरूरी होती हैं । साधन अगर कम भी रहें और समर्पण की भावना आप में व्याप्त हो तो सफलता निश्चित रूप से आपको मिलेगी । एकलव्य के पास साधन की कमी थी, द्रोणाचार्य जैसे गुरु नहीं थे लेकिन उन्होंने अपनी जिद्द और समर्पण से सफलता प्राप्त किया। खेल के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास, जिस खेल विधा में रूचि हो उसमें मन से दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ खेलना मायने रखता हैं और जब कोई भी खिलाड़ी समर्पण भाव से निरंतर अभ्यास और अपने आत्मविश्वास और इच्छा शक्ति को प्रबल रखते हुए जंग के मैदान में उतरता है तो प्रदर्शन भी उत्कृष्ट ही करता हैं । वर्तमान समय में समाज की बेटियां बेटों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र की लोहड़ी के ग्राम नगवां निवासी युवती श्रृष्टि कुमारी ने राइफल शूटिंग के क्षेत्र में पिछले 08 महीने से धमाल मचा रखा हैं । महज 8 महीने में ही युवा निशानेबाज सृष्टि ने अपने अचूक निशानेबाजी के लिए धैर्य एवं एकाग्रता का जो अदम्य साहस का परिचय दिया हैं वह उसके स्वयं के प्रतिभा को बढ़ाने के साथ उसे प्रशिक्षित करने वाले प्रशिक्षक और सहयोग करने वाले परिवारजनों को भी इसे आगे बढ़ाने को प्रेरित करता हैं । सृष्टि कुमारी ने दो बार जिला स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड और सिल्वर मेडल प्रप्त किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 05 वां रैंक प्राप्त किया। अहमदाबाद में आयोजित प्री – नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में पूरे हिंदुस्तान से पहुंचे करीब 5 से 6 हजार खिलाड़ियों में 12 वां रैंक प्राप्त किया। हाल ही में विगत 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक भोपाल में आयोजित 64 वें नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में संपूर्ण देश से शामिल करीब 25 हजार खिलाड़ियों के बीच 33 वां रैंक प्राप्त कर नेशनल में क्वालीफाई करते हुए इंडिया टीम में खेलने के लिए ट्रायल सलेक्शन में अपनी जगह बना ली हैं। इंडिया टीम में सिलेक्शन के लिए जल्दी यह ट्रायल आयोजित होगा जिसमें क्वालीफाई करने पर भारतीय टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय खेल खेलने का अवसर मिलना सुनिश्चित हो पाएगा ।
सृष्टि आर्मी में जाकर देश सेवा करने का हैं लक्ष्य
मूलतः हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव नगवां की रहने वाली युवा खिलाड़ी श्रृष्टि कुमारी फिलहाल हजारीबाग शहर के नवाबगंज में किराए के घर पर अपनी मां सुचिता देवी और तीन बहन एवं अपने एक भाई के साथ रहती हैं। इनके पिता विजय कुमार गुप्ता दिल्ली के गुड़गांव स्थित एक होटल में कार्य करते हैं। सृष्टि फिलहाल संत कोलंबा कॉलेज से इतिहास प्रतिष्ठा के विषय के साथ स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। इन्होंने अपना स्कूलिंग सरकारी बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय से की हैं । ये कॉलेज ने पढ़ाई के दौरान ही एनसीसी से जुड़ गई। एनसीसी कैडेट्स के रूप में इनका तीसरा साल चल रहा हैं । एनसीसी कैडेट्स के रूप में इनके प्रतिभा को देखते हुए एक सेवानिवृत्त आर्मी प्रशिक्षक ने इन्हें शूटिंग क्लब ज्वाइन करने की सलाह दी थी। जिसके बाद हजारीबाग के गुरु गोविंद सिंह रोड अवस्थित आकाश शूटिंग स्पोर्ट्स क्लब को इन्होंने ज्वाइन किया। यहां अंतरराष्ट्रीय शूटर सूबेदार आकाश कुमार ने इन्हें राइफल शूटिंग के गुर सिखाए। परिवार में चार- बहन और एक भाई होने और पिता के होटल में काम करने से परिवार की माली हालत बहुत अच्छी नहीं होने के बाद भी आर्थिक तंगी से जूझते हुए और लगातार संघर्ष करते हुए सृष्टि ने हमेशा सफलता पाई हैं । सृष्टि कुमारी बताती हैं कि वे अपने क्लब में प्रतिदिन 2 घंटे और घर पर 3 घंटे राइफल शूटिंग का अभ्यास करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनका खुद का राइफल भी नहीं है, क्लब द्वारा प्रतियोगिता में प्रदान किए जा रहे राइफल से ही अपने हुनर का जादू बिखेर रही हैं और अपना पहचान बना रही हैं। सृष्टि का मानना हैं कि पिताजी की कमाई उतनी नहीं है जिससे पिता जी राइफल खरीद कर दे सके। शूटिंग में आने के लक्ष्य पर बताती हैं कि बचपन से ही देश सेवा करने का इच्छा दिल में हैं । आर्मी के ऑफिसर ग्रेड में जाकर अपने देश की माटी के कर्ज को चुकाना चाहती हूं ।
सदर विधायक ने किया प्रोत्साहित, मदद का दिया आश्वासन
हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल खेल- खिलाड़ियों के विकास और उत्थान को लेकर सदैव प्रयत्नशील रहते हैं। जब उन्हें चौपारण क्षेत्र की इस बेटी की उपलब्धि पता चली तो उन्होंने श्रृष्टि को अपने कार्यालय कक्ष में बुलाकर निशानेबाजी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए ढेरों शुभकामनाएं दी और प्रोत्साहित किया साथ ही उन्होंने शूटिंग राइफल के लिए अब तक की उपलब्धि के साथ एक आवेदन मांगा और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान के लिए मैं सरकार को अनुशंसा पत्र लिखूंगा ।
सृष्टि के माता ने माना अपनी बेटी के प्रतिभा का लोहा, कहा हमें बेटी पर है गर्व
सृष्टि के माता सुचिता देवी ने अंतर्मन से खुशी लेकिन डबडबाई आंखों से कहा की मेरी चार बेटियां हैं और मुझे समाज में कई लोग बेटियों को लेकर चिढ़ाते थे लेकिन आज मैं गर्व के साथ उन्हें जवाब देती हूं कि मेरे लिए यह बेटियां बेटा से कम नहीं है। मेरी बेटी बहुत ही जिद्दी और प्रतिभाशाली हैं। मेरी दो बेटियां राइफल शूटिंग में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं । हम दोनों पति- पत्नी इन प्रतिभावान बच्चों के प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे हैं और समर्पित भाव से इन्हें सहयोग पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा की हमारी घर की माली हालत इतनी अच्छी नहीं है कि हम इन प्रतिभावान बच्चों को साधन उपलब्ध करा सकें। अगर इन्हें जरूरत के साधन उपलब्ध हो जाए तो निश्चित रूप से हजारीबाग के साथ पूरे हिंदुस्तान का नाम दुनिया में रोशन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपनी बेटी पर गर्व है ।




















