तिसरी में अनोखा सड़क सुरक्षा अभियान, बिना हेलमेट–सीट बेल्ट वालों को सजा नहीं, समझाइश
गिरिडीह तिसरी से मनोज लाल बर्नवाल की रिपोट
गिरिडीह। जिले के तिसरी प्रखंड में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठा और सराहनीय सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष कुमार और तिसरी थाना प्रभारी रंजय कुमार ने स्वयं सड़क पर उतरकर किया।
अभियान के दौरान दो पहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों को बिना सीट बेल्ट वाहन चलाते पाए जाने पर किसी प्रकार की सख्ती या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बजाय ऐसे चालकों को गुलाब का फूल देकर यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई, जिससे लोगों में सकारात्मक संदेश गया।

सड़क पर सुरक्षा का संदेश, गुलाब बना जागरूकता का हथियार
प्रशासन की इस पहल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अधिकारीयों ने बताया कि सजा से नहीं, समझाइश से बदलाव संभव है। अभियान के दौरान वाहन चालकों को यह समझाया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन रक्षक कवच हैं। बीडीओ मनीष कुमार ने कहा कि प्रखंड में लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। जीवन अनमोल है, लापरवाही में इसे खतरे में न डालें। दो पहिया वाहन चालक हेलमेट और चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट जरूर लगाएं। घर-परिवार के लिए जिम्मेदार बनें, साथ ही किसी के ऊपर बोझ ना बने घर वाले भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। थाना प्रभारी रंजय कुमार ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे लोगों को रोककर गुलाब का फूल देकर अपील की जा रही है कि नियमों का पालन करें। यदि कहीं सड़क दुर्घटना हो जाए तो घायल व्यक्ति को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में मदद करें। यह विशेष अभियान पूरे जनवरी चलेगा, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक तिसरी प्रखंड में यह सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान लगातार चलाया जाएगा।
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