गिरिडीह: जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत खिजुरी पंचायत के चकलमुंडा गांव में प्रशासन ने अवैध माइका कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग घरों से लाखों रुपये की कीमत का अवैध माइका भंडारण जब्त कर गोदाम को सील कर दिया है।
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यह कार्रवाई अंचलाधिकारी अखिलेश प्रसाद, अंचल निरीक्षक रितेश कुमार केशरी और ASI लव कुमार के नेतृत्व में की गई।

अंचल निरीक्षक रितेश कुमार केशरी ने बताया कि जब्त माइका का कुल वजन करीब 55 टन है। इसमें लगभग 85 बोरा माइका शामिल है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 20 से 25 लाख रुपये आंकी जा रही है।
प्रशासन द्वारा की गई जांच में सामने आया कि एक माइका भंडारण सरकार द्वारा प्रदत्त पीएम आवास में किया गया था, जिस पर लखन मरांडी का नाम दीवार पर अंकित है। वहीं दूसरा भंडारण अलबेस्टर शीट से बने एक घर में पाया गया। दोनों ही स्थानों को अवैध माइका गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

हालांकि, इस कार्रवाई में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है कि अवैध माइका की खरीद-फरोख्त के पीछे कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कहां-कहां तक फैला है।
इधर, स्थानीय बाजार और ग्रामीण इलाकों में यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गावां वन क्षेत्र, तिसरी और गावां प्रखंड में रात के अंधेरे में पिकअप व मिनी ट्रकों के जरिए अवैध माइका का गोरखधंधा लंबे समय से धड़ल्ले से चल रहा है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एसडीओ अनिमेष रंजन द्वारा भी चार से पांच अवैध माइका डंप गोदामों को सील किया गया था, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई गई थी। इसके बावजूद अवैध माइका का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद यह अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है, और आखिर प्रशासन की नजर से यह सब कैसे ओझल रहा, यह सवाल अब आम जनता के बीच तेजी से उठने लगा है।
गिरिडीह तिसरी से मनोज लाल बर्नवाल की रिपोट













